सगरांद

हिमाचल प्रदेश में हर देसी महीने का अपना महत्व होता है. इसे हम सगरांद के नाम से जानते हैं.हर सगरांद को घर की महिलाएं पूजा पाठ करती हैं जिसे हम फुल पत्री के नाम से जानते हैं.
आज की सगरांद का भी अपना महत्व है.इस दिन से सावन की शुरुआत होती है.आज के दिन घर के पालतू जानवरों से चिडडन इकट्ठे किये जाते हैं और शाम को उनको जलाया जाता है. किवदंती के अनुसार ऐसा करने से जानवरों को साल भर कोई भी खटमल या चिडडन तंग नहीं करता.चिडड्नों को जलाते समय गाने भी गाये जाते हैं जैसे:, “असरिया घराला टिकली बछि छोहरुओ टिकली बछि,तुसरिया घराला मिर्गनी नची छोहरुओ मिर्गनी नची” अर्थात हमारी गौशाला में अच्छी अच्छी बछिया पैदा हो तथा बाकियों की गौशाला में मादा चीता नाचे.

बुजुर्ग कहते हैं के इस दिन सात हाड़ बगते (बहते ) हैं यानि सात आषाढ़ इकट्ठे होकर बारिश करते हैं और खूब बारिश होती है यह बात आज भी सच प्रतीत होती है.पिछली रात से बारिश लगातार जारी है और आज तो बार बार खूब बारिश हो रही है. आज के दिन तक धान की रोपाई का काम भी लगभग समाप्त हो जाता है तथा सब लोग इस त्यौहार को बड़ी ही धूमधाम से मनाते हैं.

इस दिन घर में पकवान बनाये जाते हैं जिसमें माह,आलू,की कचौरियां व पत्रोड़े आदि बनाये जाते हैं तथा देवताओं को भोग लगाया जाता है और उसके बाद सारा परिवार भोज का आनदं लेता है.

चिडनू रे गीत :
असारिया घराला टिकली बछि छोहरुओ टिकली बछि, छोहरुआ री घराला मिरगनी नची छोहरुओ मिरगनी नची.
म्हारिया जुहीया छीज ए छीज छोहरुओ छीज ए छीज, छोहरुआ री मुइरी इज ए इज छोरुओ इज ए इज.
म्हारिया जुहीया काही ए काही छोहरुओ काही ए काही, छोहरुआ री मुइरी ताई ए ताई छोहरुओ ताई ए ताई.
म्हारिया जुहीया तम्बाकू ए तम्बाकू छोहरुओ तम्बाकू ए तम्बाकू, छोहरुआ रा मुइरा बापू ए बापू छोहरुओ बापू ए बापू.
म्हारिया जुहीया कांचा ए कांचा छोहरुओ कांचा, छोहरुआ रा मुइरा चाचा छोहरुओ चाचा ए चाचा.
म्हारिया जुहीया किलनी कदाल छोहरुओ किलनी कदाल, छोहरुआ री घराला इलणी काव छोहरुओ इलणी काव.
म्हारे डंगरे चरी चुगी आये छोहरुओ चरी चुगी आये, छोहरुआ रे डंगरे मरी मुक्की आये छोहरुओ मरी मुक्की आये.
असारिया घरालिया दूधा घ्युआ री आलिया छोहरुओ दूधा घ्युआ री आलिया, तुसारी घरालिया गोबरा चिकड़ा री आलिया छोहरुओ गोबरा चिकड़ा री आलिया.
होड़ा वे होड़ा, पारले ग्रावां रा छोरु मेरा घोड़ा
म्हारिया जुहीया द्रुभ ए द्रुभ छोहरुओ द्रुभ ए द्रुभ, छोहरुआ री मरिरी बुव ए बुव छोहरुओ बुव ए बुव.
असारिया घराला टिकली बछि छोहरुओ टिकली बछि…………………………………………

Source –www.jogindernagar.com& Special Thanks Ajay Kumar

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